मेरे खयाल से लिखे गए शब्द उस हीरे की तरहा है जो कभी मिटाए नही जा सकते । किसी ने खूब कहा है कि बचपन में हम पेंसिल से इस लिए लिखते थे ताकि गलती होने पर उसे मिटाया जा सके । बड़े होने पर पेन पकड़ा कर जिंदगी को बताया जाता है की अब बड़े हो गए हो ओर जो भी गलती होगी उसे अब भुलाया नही जा सकता तो काफी सोच समझ कर चलना ही ठीक होगा । #trending #toolwebsite #blog #internet etc
Tuesday, February 28, 2023
Vedanta Limited - Mining company । Stock Price । Down । वेदांता लिमिटेड ।
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश की न्यायिक राजधानी ।
Friday, February 17, 2023
महाशिवरात्रि पर्व 2023। जय भोले बाबा ।
महाशिवरात्रि भारत के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है।
हर साल इस त्योहार को देश भर में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह श्रद्धा का पर्व होता है जिसे हिंदू धर्म के अनुयायी मनाते हैं।
इस वर्ष, महाशिवरात्रि 2023 की तारीख 18 फरवरी है । इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और लोग उनकी आराधना करते हैं।
महाशिवरात्रि 2023 शुभ मुहूर्त: महाशिवरात्रि के दिन, प्रातःकाल से ही भक्त शिव मंदिर जाकर पूजा करने लगते हैं।
इस वर्ष, महाशिवरात्रि के शुभ मुहूर्त 18 फरवरी, को शुरू होगा और 19 फरवरी, को समाप्त होगा। पूजा करने के लिए शुभ मुहूर्त है ।
- प्रदोष काल में पूजा करने से सबसे अधिक फल मिलता है।
- इस साल, प्रदोष काल का समय 5:41 pm से 8:26 pm है।
- निशिथ काल में पूजा करने से भी बहुत फल मिलता है।
- इस साल, निशिथ काल का समय 12:08 am से 12:53 am है।
महाशिवरात्रि व्रत नियम:
व्रत के नियमों में से कुछ निम्नलिखित हैं:
- दिन भर उपवास रखना होता है।
- दिन के विभिन्न समय पर शिवलिंग की पूजा करना होता है।
- शिवरात्रि की रात्रि के दौरान चार या आठ बार शिव मंत्र का जाप करना होता है।
- दूसरे दिन सूर्योदय के बाद उपवास तोड़ना होता है।
- व्रत के दौरान दुष्ट विचारों से बचना चाहिए।
शिवरात्रि पूजा विधि और शिव मंत्र लिस्ट
शिवरात्रि हिंदू धर्म में बहुत ही प्रतिष्ठित त्योहार है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है।
शिवरात्रि को ध्यान में रखते हुए इस दिन पूजा करने से भगवान शिव की कृपा हम पर बनी रहती है और उनका आशीर्वाद हमें मिलता है।
इस लेख में हम आपको शिवरात्रि पूजा करने की विधि और शिव मंत्रों की एक सूची बताएंगे।
शिवरात्रि पूजा की विधि:
- शिवलिंग को साफ़ करें और गंगाजल से अभिषेक करें।
- शिवलिंग पर बिल्वपत्र रखें।
- शिवलिंग को श्रृंगार करें। इसके लिए अपनी पसंद के तरीके से शिवलिंग को सजाएं।
- शिवलिंग को धूप, दीप, फूल और नैवेद्य से अर्पित करें।
- शिवलिंग को शंख या घंटी बजाकर आरती करें।
- शिव मंत्र जप करें।
- शिवरात्रि की रात्रि में ज्योति जलाएँ और शिवजी की कथाएं सुनें।
शिव मंत्र एक शक्तिशाली और प्रभावी उपाय है, जो आपके जीवन में स्थिरता, शांति और समृद्धि लाता है।
इन मंत्रों को जपने से आपके मन, शरीर और आत्मा की समस्याएं दूर होती हैं और आपके जीवन में सफलता आती है।
यहां कुछ शिव मंत्र हैं, जो आपको समस्याओं से निजात दिलाते हैं:
"ॐ नमः शिवाय" - यह मंत्र शिव का सर्वोच्च मंत्र है और शिव भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसे जपने से मन की शांति मिलती है और बुरी नजर से बचाता है।
"ॐ नमो भगवते रुद्राय" - यह मंत्र भगवान शिव को समर्पित है और शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए जपना चाहिए।
"ॐ हं हं हं शिवाय" - इस मंत्र को जपने से शिव के अधिपति होने का अनुभव होता है और आपके जीवन में खुशहाली आती है।
"शिव शम्भो" - इस मंत्र को जपने से मन में शांति आती है और दुखों से निजात मिलती है।
"ॐ नमो हिरण्यबाहवे हिरण्यवर्णाय हिरण्यरूपाय हिरण्यपतये अंबिका पतए उमापतए पशूपतए नमो नमः ।
"ऊँ नम: शिवाय ध्यानम्" - इस मंत्र को ध्यान के समय जपने से मन का शांत होता है और ध्यान में सफलता मिलती है।
"शिवोऽहं" - इस मंत्र को जपने से आप शिव के साथ एकता महसूस करते हैं और उनसे सम्बंधित सभी समस्याओं से निजात मिलती है।
"ॐ नम: शिवाय शान्ताय" - इस मंत्र को जपने से शिव की कृपा से जीवन में शांति आती है और आपकी समस्याओं का समाधान होता है।
"हर हर महादेव" - यह मंत्र भगवान शिव के भक्तों को समर्पित है और जब आप इसे जपते हैं, तो आप शिव की कृपा प्राप्त करते हैं और उनके आशीर्वाद से सभी समस्याओं से निजात पाते हैं।
"ॐ नम: शिवाय गुरवे" - इस मंत्र को गुरु को समर्पित किया जाता है और जपने से आपके मन में उनका आशीर्वाद और उनके संदेश प्राप्त होते हैं।
इन मंत्रों को नियमित रूप से जपने से आप शिव की कृपा प्राप्त करते हैं और जीवन में सफलता आती है।
ध्यान और तपस्या के साथ इन मंत्रों का जप करने से आप शिव के साथ एकता महसूस करते हैं ।
Thursday, February 16, 2023
जिंदगी जीने का एक नया नजरिया । Motivational ।
Wednesday, February 15, 2023
होली से पहले दिखने लगा गर्मी का असर। मौसम।
हमारे देश में मौसम का बदलाव कभी कभी अप्रत्याशित होता है। इसीलिए यह आम बात है कि एक मौसम से दूसरे मौसम में बड़ा बदलाव आता है। इस बार इस मौसमी बदलाव का कारण वर्षा के बारे में था।
वर्षा हमारे देश में सबसे ज्यादा बारिश वाला मौसम होता है। इस साल वर्षा के समय पर आने की स्थिति बहुत खराब रही। वर्षा के समय उन्नत और उन्नत शहरों में बारिश के वजह से अनेक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यह समस्याएं पानी से भरे रोड्स, बिजली और पानी की आपूर्ति में बाधाएं, ट्रैफिक जाम आदि शामिल होती है ।
वहीं, वर्षा के बाद गर्मी आती है, जो अधिकतर इंडियन लोगों के लिए कठिनाइयों का कारण बनती है। लेकिन इस बार वर्षा के बाद इंडिया में बहुत कम ठंडक और बहुत ज्यादा गर्मी थी। जिसका असर अभी तक दिखाई दे रहा है। इस समय दिल्ली-एनसीआर में तापमान 35-36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो कि आम तौर पर होली से पहले नहीं होता। वहीं मुंबई और चेन्नई में भी असामान्य गर्मी होने की रिपोर्टें आ रही हैं।
इस समय के मौसम की बात करें तो यह अभी तक सामान्य से बहुत दूर है। यह बात न केवल आम लोगों को परेशान कर रही है, बल्कि व्यापार और कृषि से जुड़े लोगों को भी इसका असर पड़ रहा है। कृषि सेक्टर के लिए तो यह असामान्य गर्मी काफी खतरनाक साबित हो सकती है।
गर्मियों के मौसम में बहुत से लोग अपने घरों के अंदर ही रहना पसंद करते हैं। लेकिन इस समय कोविड-19 के कारण लोगों को घरों में रहना ही पड़ रहा है।
अपने आसपास के दूसरे लोगों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। गर्मी की इस तीखी धुप में अधिक समय बाहर रहने से लोगों को अपने स्वास्थ्य के लिए खतरा हो सकता है। जो लोग बाहर निकलने के लिए मजबूर हैं, उन्हें अपने खाने का ध्यान रखना चाहिए। अधिक ठंडे पदार्थों का सेवन करना न तो ठंडा लगता है और न ही उतना ही स्वस्थ रहता है। इसके साथ ही, पानी की अधिक सेवन करना भी जरूरी है।
व्यापार सेक्टर में भी इस गर्मी का असर दिख रहा है। लोगों की खरीदारी कम हो रही है, जो खुशी की बात नहीं है। यह समस्या विभिन्न वस्तुओं की बिक्री में कमी के रूप में दिख रही है। वहीं, व्यवसायिक उद्यमों में भी इस गर्मी के कारण कुछ समस्याएं हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, धूल और धुएं के कारण आधा दर्जन से अधिक उद्यमों को बंद कर दिया जा सकता है।
इस गर्मी के साथ ही कुछ ऐसी समस्याएं भी हो सकती हैं, जो असामान्य तो नहीं हैं,
उदाहरण के लिए, दिल्ली एनसीआर में अगले दिनों में धूम-धाम से मनाई जाने वाली होली के चलते पर्यावरण से जुड़ी कुछ समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। बुरी गुणवत्ता वाले रंगों का इस्तेमाल वायु प्रदूषण जैसी समस्याओं को बढ़ा सकता है। इससे नुकसान उठाने वाले सिर्फ इंसान ही नहीं होते, बल्कि पर्यावरण भी इससे प्रभावित होता है। इसलिए, हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हम होली के रंगों का उपयोग करते समय पर्यावरण का भी ध्यान रखें। अगर हम उत्सव को स्वस्थ तरीके से मनाएंगे, तो हम पर्यावरण के लिए भी कुछ अच्छा करेंगे।
इस समय वैशाखी और रमजान जैसे कुछ अन्य उत्सव भी होने वाले हैं। इन उत्सवों के दौरान भी लोगों को सावधान रहना चाहिए। ध्यान रखें कि हम सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और जरूरत पड़ने पर केवल ज़रूरी कामों के लिए बाहर जाएं।
अंततः, भारत में मौसम अपनी अनुमानयों को खरे नहीं साबित करता है। हमें अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा का ख्याल रखते हुए मौसम की सभी ताकतों से लड़ने की तैयारी करनी चाहिए। वर्षा, गर्मी और सर्दी जैसे मौसमों के साथ जूड़े सभी दुष्प्रभावों से लड़ने के लिए आपको अपने खान-पान और रवैये पर नजर रखना चाहिए।
आज हमारे देश में मौसम से जुड़ी समस्याओं का सामना करना ज़रूरी हो गया है। इस समस्याओं का सामना करने के लिए हमें सावधान रहना चाहिए। अगर हम मौसम की विशेषताओं को अच्छी तरह से समझते हैं, तो हम इससे बचने और उसके साथ सही तरीके से जुड़ने के लिए तैयार रहेंगे।
इसलिए, हमें अपने मौसम से संबंधित जानकारी को सक्षम होना चाहिए। हमें अपने शहर में निकटतम मौसम केंद्र से अपडेट प्राप्त करने की सलाह दी जाती है। हमें मौसम से संबंधित सभी सुझावों का पालन करना चाहिए ताकि हम अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा का ख्याल रख सकें।
Monday, February 13, 2023
"होली दहन" (Holi Dahan) । "होली दहन कब है 2023 में" ।
"होली दहन" हिंदू धर्म का एक महोत्सव है जो हर वर्ष उत्साह और जोश के साथ मनाया जाता है। यह त्यौहार फाल्गुन माह (फरवरी-मार्च) के पूर्णिमा के दिन (Purnima) पर मनाया जाता है। 2023 में, होली दहन 7 March को मनाया जाएगा।
होली दहन, भगवती दहन या होलिका दहन के नाम से भी जाना जाता है, अच्छाई के बल पर बुराई के विजय को मनाते हैं। इस दिन, लोग होलिका को जलाते हैं, पूजा करते हैं और देवों से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उपासनाएं करते हैं। होलिका के दहन नुकसानपूर्ण शक्तियों के नाश के प्रतीक होते हैं,
होली वसंत के आनंद, प्यार और खुशी की त्यौहार है। यह वेश्यों, परिवार और प्रेमी-प्रेमिकाओं के साथ दूर हो चुकी बुराईयों और अपराधों को भुलाने का समय है। लोग मिठाईयों, बधाई और प्यार और खुशी के साथ एक दूसरे को लगाते हैं। वे रंगों के साथ खेलते हैं, गाते हैं, नृत्य करते हैं और खुशी मनाते हैं। होली एक ऐतिहासिक मौका है जो लोगों को एक होकर बंधने और खुशी फैलाने में मदद करती है।
इस त्यौहार को मनाने के लिए, हम सभी एक होकर आएं और यह रंगों की त्यौहार उत्साह और जोश के साथ मनाएं।
"होली दहन कब है 2023 में"
"होली दहन" (Holi Dahan) is a Hindu festival celebrated every year with great zeal and enthusiasm. The festival is observed on the full moon day (Purnima) in the Hindu month of Phalguna (February-March). In 2023, Holi Dahan will be celebrated on 7th March.
Holi Dahan, also known as Chhoti Holi or Holika Dahan, marks the victory of good over evil. On this day, people light bonfires, offer prayers and perform rituals to seek blessings from the gods. The burning of Holika symbolizes the destruction of negative forces, while the lighting of the bonfire symbolizes the triumph of good over evil.
The festival of Holi is a celebration of spring, love, and joy. It is a time to forget past grudges and strengthen relationships with friends, family, and loved ones. People exchange sweets, greetings, and embrace each other with love and happiness. They play with colors, sing, dance and make merry. Holi is an occasion that brings people together and spreads happiness and positivity in the air.
In conclusion, Holi Dahan is a significant festival in Hinduism that signifies the victory of good over evil and the arrival of spring. It is a time to forget past grudges, embrace each other with love, and spread happiness. So, let us come together and celebrate this festival of colors with great joy and zeal.