Saturday, November 5, 2022

चलो कुछ ज्ञान लुटाए !

 

हर जीवित चीज का कोई न कोई कारण होता है, और मजे की बात तो ये है की अजीवित चीज का भी ठीक उतना ही मकसद होता है बस हम देख नही पाते क्यू की ये जिंदगी हमने इतनी कठिन बना रखी है की छोटी छोटी चीज हमे दिखना ही बंद हो गई है, 

जैसे: बारिश की बूंदों का आखों की पलकों से यू टपक जाना की मन करता है की काश ये फिर होजाए.

            सच जिन्होंने कभी जिंदगी को समय दिया होगा उन्हें उस अहसास का अनुभव हुआ होगा बाकियों के लिए तो बारिश एक मुसीबत है.


Life


अगर हम जिंदगी को जीना चाहते है तो ये भूल कर भी मत कहें की अब तो देर हो गई है. क्यों की ना पहले देर हुई थी ओर नही अब देर हुई है.

जो लगता है जरूरी नहीं की वो सही हो.

Knowledge

अगर कभी मन करे तो एक 4 या 5 साल के बच्चे से मिलना सैयद जिंदगी दिख जाए क्यू की बच्चो में ऐसी आयु में चालाकी जैसे नामुमकिन जैसे शब्द उस समय तक नहीं बने होते बाद में हमारा सभ्य समाज उनके मन में ऐसे शब्द बना देता है.

अच्छा हो की दिन में जितनी बार हो सके हम बच्चे बन जाए ताकि इस बुद्धिमान लोगो की दुनिया से कुछ समय कटे रहे.


धन्यवाद

 विकाश